रेवांचल टाईम्स - विभागीय जांच में ब्यान हेतु बुलाते गये शिकायतकर्ता से लिखित कथन नही लिए सिवनी कानूनगो दिनेश उईके ने ......
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश में सुशासन लाना चाहते हैं और हर भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारी के खिलाफ कार्यवाही कर पूरे प्रशासनिक तंत्र को मजबूत बनाकर प्रदेश में सुशासन लाने की मनसा रखते है! परंतु प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मंशा पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं! मामला राजस्व विभाग से संबंधित है जहां 2014 में तत्कालीन धनोरा पटवारी दिनेश पटले के द्वारा सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की पद मुद्रा पर स्वयं के हस्ताक्षर कर बीएलओ बदलने के मामले में शिकायत हुई और शिकायत की जांच में तत्कालीन घंसौर अनुविभागीय अधिकारी रजनी वर्मा के द्वारा की गई जांच में पटवारी दिनेश पटले दोषी पाए गए!
परंतु मामले पर प्रशासन ने दोषी पटवारी पर कोई भी कार्यवाही नहीं की जिस कारण शिकायतकर्ता ने पुनः उच्च अधिकारियों को शिकायत प्रेषित की जहां दिनेश पटले पर जिला कलेक्टर सिवनी के द्वारा विभागीय जांच शुरू कर दी दिनेश पटेल वर्तमान में सिवनी तहसील में पदस्थ हैं वही पटवारी दिनेश पटले की विभागीय जांच की कमान सिवनी तहसीलदार पियूष दुबे को सौंपी गई
जो कि वर्तमान में पटवारी दिनेश पटले के ही तहसीलदार अधिकारी है !अब ऐसे में विभागीय जांच की निष्पक्ष जांच पर सवाल उठने तो लाजमी है और ठीक वैसा ही हुआ जैसा सोचा जा रहा था! पटवारी दिनेश पटले की विभागीय जांच में ब्यान हेतु शिकायतकर्ता जहान सिंह मर्सकोले उपाध्यक्ष जनपद पंचायत धनोरा को कार्यालय तहसीलदार सिवनी जिला सिवनी के ज्ञापन क्रमांक-270/कानूनगो सिवनी दिनांक- 8/11/2021 को पटवारी दिनेश पटले द्वारा पद का दुरुपयोग कर बीएलओ बदलने के मामले में विभागीय जांच कथन दर्ज करने दिनांक -22/11/2021 को कार्यालय तहसीलदार सिवनी कानूनगो शाखा में समय 11:00 बजे बुलाया गया था! वही उपाध्यक्ष जनपद पंचायत धनोरा जहान सिंह मर्सकोले प्रशासनिक ज्ञापन के परिपालन में दिनांक-22/11/2021 को ठीक 11:00 बजे तहसील कार्यालय सिवनी कानूनगो शाखा में पहुंचते है! परंतु कानूनगो शाखा में कानूनगो दिनेश उईके दोपहर 1:30 बजे तक नहीं आते और जब उसके बाद आये तो उन्होंने
जहान सिंह मर्सकोले से लिखित बयान लेने से इनकार कर दिया उनका कहना था की पटवारी विदेश पटले की शिकायत में बयान देने से पहले आप पटवारी जी से मिल लें क्यों बेवजह इस मामले में फंस रहे हों! क्योंकि कई बार पेशी हो सकती है! परंतु जब जहान सिंह मर्सकोले के द्वारा कहा गया कि मैं बयान देने आया हूं और जितने बार बुलाया जाएगा मैं आऊंगा मुझे कोई दिक्कत नहीं तो कानूनगो दिनेश उईके और वहीं मौजूद अन्य कर्मचारी बोपचे के द्वारा लिखित बयान के बदले मौखिक बयान दर्ज करने कहा गया और जब जहान सिंह मर्सकोले के द्वारा मौखिक बयान लिखित बयानों को पढ़कर देना चाहा तो कानूनगो सिवनी दिनेश उईके ने बयान दर्ज करने से मना कर दिया और पेट दर्द/ तबीयत खराब होने की बात कह कर कानूनगो शाखा के अन्य कर्मचारी बोपचे को ब्यान ले लेने को कह कर वहां से चले गये। वही़ बोपचे जी का भी यही कहना था कि आप बयान लिखित बयान को बिना देखे दो नहीं तो आपके बयान नहीं लेंते और आपकी अनुपस्थिति लिख देंगे
आप जाओ जहान सिंह मर्सकोले ने विरोध जताया परंतु जब तहसील कार्यालय के राजस्व कर्मचारी तक दोषी पटवारी दिनेश पटले को बचाने में लगे हैं तो फिर केवल जांची कागजी घोड़ा दौड़ाने का कोई औचित्य नहीं है! बयान दर्ज कराने धनोरा से सिवनी
75 किलोमीटर दूर सिवनी पहुंचे जनपद उपाध्यक्ष जहान सिंह मर्सकोले ने पूरे घटनाक्रम की शिकायत लिखित तौर पर संभाग आयुक्त जबलपुर संभाग जबलपुर की ओर पत्र लिखकर और जिला कलेक्टर सिवनी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सिवनी, और तहसीलदार सिवनी को पत्र देकर दर्ज कराई है और मांग की है कि दोषी पटवारी दिनेश पटले पर कार्रवाई तो की जाए साथ ही उसे बचाने वाले कानूनगो दिनेश उईके पर भी कार्रवाई की जाए!
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